गौमाता सेवा

गौमाता पूजा सभी मनुष्यों का प्राथमिक कर्तव्य है, क्योंकि यह श्री ठाकुरजी के सबसे प्रिय हैं।
मैं हमेशा पवित्र गायों के बीच रहता हूं? .. भगवान श्री कृष्ण कहते हैं

गौमाता संरक्षण

संस्कृत में 'गौशाला' शब्द का शाब्दिक अर्थ है गोरक्षा या वह स्थान जहाँ गायों को आश्रय दिया जाता है। गाय के अन्य संस्कृत नाम हैं गौमाता (माँ गाय), कामधेनु (इच्छा पूरी करना), और अघ्न्या (कभी भी मारना नहीं)।


 गौमाता का महत्व

कुछ गायों को किसानों द्वारा उनकी खराब स्थिति के कारण छोड़ दिया जाता है क्योंकि ये गायें दूध देने वाली नहीं हैं, लेकिन महादेव गौशाला में हम उनकी देखभाल करते हैं, हमारी सामाजिक प्रतिबध्दता और समाज में उनके महत्व को समझते हैं

गौमाता पूजन

हम गायों की केवल पूजा नहीं करते। हम गाय का सम्मान करते हैं, इस कोमल जानवर का सम्मान करके, जो उससे अधिक लेता है, हम सभी प्राणियों का सम्मान करते हैं।
हम सभी जीवित प्राणियों का सम्मान करते हैं, लेकिन गाय के प्रति हमारे विशेष स्नेह में जीवन के लिए इस श्रद्धा को स्वीकार करते हैं। त्योहारों पर हम उसे सजाते हैं और उसका सम्मान करते हैं, लेकिन हम उसकी पूजा इस अर्थ में नहीं करते हैं कि हम देवता की पूजा करते हैं।

About Mahadev Gaushala

प्राचीन काल से ही ऋषियों मुनियों ने हमारे वेदों में बताया है की गौ माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास होता है | हिन्दू धर्म में गाय को माँ का दर्जा दिया गया है | माँ का दर्जा इस लिए दिया गया है क्यूंकि मनुष्य को जन्म देने वाली माँ के बाद हम दूसरा दूध गौ का पीते हैं | इसीलिए लिए हम गौ को अपनी माँ की तरह प्रेम व सम्मान के साथ पूजते हैं |
बुंदेलखंड में अन्नापशु की समस्या बहुत ही गंभीर होती जा रही , जिसकी गूँज लोक सभा में भी सुनाई दी गयी | 20 वर्षों तक सूखे के कारण, किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो गया और 30% किसान मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में चले गए। भूखे प्यासे गायों की समस्या के कारण, हर साल किसानों को पता है कि वे हर साल एक ही फसल लेते हैं। यहाँ के किसान आर्थिक समस्या के कारण गौ का देख भाल करने में असमर्थ हो गए हैं |
ऐसे में सभी निराश किसान भाइयों ने लाखों गायों को खुला छोड़ दिए | गौ माता और किसान भाइयों को बचाने के लिए आदरणीय बृजभूषण राजपूत जी के प्रेरणा से ओम गौ सेवा समिति द्वारा संचालित महादेव गौशाला ने गौमाता और किसानों को बचाने का संकल्प लिया है और बुंदेलखंड की 60 बीघा भूमि पर महादेव गौशाला का निर्माण करवाया जिसमें हजारों की तादाद में गौ माता की सेवा की जा रही है | इनमें वो गौ हैं जो एक समय के बाद दूध देना बंद केर देती हैं ऐसे में महादेव गौशाला आगे आकर गौमाता की संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध है |

Read More

Video Tour

Our Objectives

हम मनुष्य जाती से जाने - अनजाने में कोई न कोई त्रुटि - गलतियां करते रहते हैं | , हम अपने पापों को धोने के लिए पुण्य कमाने के हम नाजाने कहाँ - कहाँ चले जाते हैं | ऐसे में आप महादेव गौशाला के माध्यम से नियमित प्रत्येक माहे अपने सामर्थ के अनुसार गौ को गोद लेकर पुण्य की प्राप्ति करें | प्रत्येक माहे 1000 रूपए का योगदान से एक गौ का भरण पोषण अच्छे से किया जा सकता है |
जिस प्रकार से हम नियमित भोजन करते हैं नियमित व्यायाम करते हैं उसी प्रकार से हमे नियमित एक अच्छा कार्य भी करना चाहिए ,गौ माता में समस्त देवी देवताओं का वास होता है गौ माता को बचाने में हमने गौशाला द्वारा एक छोटी सी पहल की है आप भी गौ सेवा करके एक अच्छा कार्य प्रतिदिन कर सकते हैं | अतः आप हमारी संस्था के द्वारा भी आजीवन सेवा लेकर प्रत्येक माह एक छोटा सा योगदान दे सकते हैं गौमाता की सेवा करके हमारे इस महत्वपूर्ण अभियान के खिवैया बनकर।

Read More

Latest News

See All Time Latest News

Read More

Contact us

Our Gaushala Location

Reg .: Om Gau Sewa Samiti Gram-Girvar,Tahseel-Raath,Distric-Hamirpur,Uttar Pradesh-India.

Contact Number

+91-8004644444

Email Address

info@ommahadevgaushala.com

Video Gallery

Gaumata ki sewa ka fal

Do You Know 11 Shubh Asubh Facts About Cow

Gau Sewa hi rashtra sewa hai

We Provide In Our Gaushala

care for stray, abandoned Indian cows, bulls, retired oxen