India, though being the largest producer of milk, is known for the quantity of cows rather than the high yield and quality of them.

- 2020-06-04
गौमाता सेवा
गौमाता संरक्षण
संस्कृत में 'गौशाला' शब्द का शाब्दिक अर्थ है गोरक्षा या वह स्थान जहाँ गायों को आश्रय दिया जाता है। गाय के अन्य संस्कृत नाम हैं गौमाता (माँ गाय), कामधेनु (इच्छा पूरी करना), और अघ्न्या (कभी भी मारना नहीं)।
गौमाता का महत्व
कुछ गायों को किसानों द्वारा उनकी खराब स्थिति के कारण छोड़ दिया जाता है क्योंकि ये गायें दूध देने वाली नहीं हैं, लेकिन महादेव गौशाला में हम उनकी देखभाल करते हैं, हमारी सामाजिक प्रतिबध्दता और समाज में उनके महत्व को समझते हैं
गौमाता पूजन
प्राचीन काल से ही ऋषियों मुनियों ने हमारे वेदों में बताया है की गौ माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास होता है | हिन्दू धर्म में गाय को माँ का दर्जा दिया गया है | माँ का दर्जा इस लिए दिया गया है क्यूंकि मनुष्य को जन्म देने वाली माँ के बाद हम दूसरा दूध गौ का पीते हैं | इसीलिए लिए हम गौ को अपनी माँ की तरह प्रेम व सम्मान के साथ पूजते हैं |
बुंदेलखंड में अन्नापशु की समस्या बहुत ही गंभीर होती जा रही , जिसकी गूँज लोक सभा में भी सुनाई दी गयी | 20 वर्षों तक सूखे के कारण, किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो गया और 30% किसान मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में चले गए। भूखे प्यासे गायों की समस्या के कारण, हर साल किसानों को पता है कि वे हर साल एक ही फसल लेते हैं। यहाँ के किसान आर्थिक समस्या के कारण गौ का देख भाल करने में असमर्थ हो गए हैं |
ऐसे में सभी निराश किसान भाइयों ने लाखों गायों को खुला छोड़ दिए | गौ माता और किसान भाइयों को बचाने के लिए आदरणीय बृजभूषण राजपूत जी के प्रेरणा से ओम गौ सेवा समिति द्वारा संचालित महादेव गौशाला ने गौमाता और किसानों को बचाने का संकल्प लिया है और बुंदेलखंड की 60 बीघा भूमि पर महादेव गौशाला का निर्माण करवाया जिसमें हजारों की तादाद में गौ माता की सेवा की जा रही है | इनमें वो गौ हैं जो एक समय के बाद दूध देना बंद केर देती हैं ऐसे में महादेव गौशाला आगे आकर गौमाता की संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध है |
हम मनुष्य जाती से जाने - अनजाने में कोई न कोई त्रुटि - गलतियां करते रहते हैं | , हम अपने पापों को धोने के लिए पुण्य कमाने के हम नाजाने कहाँ - कहाँ चले जाते हैं | ऐसे में आप महादेव गौशाला के माध्यम से नियमित प्रत्येक माहे अपने सामर्थ के अनुसार गौ को गोद लेकर पुण्य की प्राप्ति करें | प्रत्येक माहे 1000 रूपए का योगदान से एक गौ का भरण पोषण अच्छे से किया जा सकता है |
जिस प्रकार से हम नियमित भोजन करते हैं नियमित व्यायाम करते हैं उसी प्रकार से हमे नियमित एक अच्छा कार्य भी करना चाहिए ,गौ माता में समस्त देवी देवताओं का वास होता है गौ माता को बचाने में हमने गौशाला द्वारा एक छोटी सी पहल की है आप भी गौ सेवा करके एक अच्छा कार्य प्रतिदिन कर सकते हैं |
अतः आप हमारी संस्था के द्वारा भी आजीवन सेवा लेकर प्रत्येक माह एक छोटा सा योगदान दे सकते हैं गौमाता की सेवा करके हमारे इस महत्वपूर्ण अभियान के खिवैया बनकर।
care for stray, abandoned Indian cows, bulls, retired oxen
Mixed cow food is a mixture made by mixing various food items in suitable proportions. Mixed cow food mainly consists of grains, bran, khaliyan, dal chunia, agro industrial by-products, minerals and vitamins. It is a cheap source of providing essential elements to cow.
To protect cows from various seasonal diseases, the organization also gets the cows vaccinated and its cattle are also given information.
Constant efforts are being made by the organization to increase fodder production so that cows can get a good diet.