
Our Objectives
प्राचीन काल से ही ऋषियों मुनियों ने हमारे वेदों में बताया है की गौ माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास होता है | हिन्दू धर्म में गाय को माँ का दर्जा दिया गया है | माँ का दर्जा इस लिए दिया गया है क्यूंकि मनुष्य को जन्म देने वाली माँ के बाद हम दूसरा दूध गौ का पीते हैं | इसीलिए लिए हम गौ को अपनी माँ की तरह प्रेम व सम्मान के साथ पूजते हैं |
बुंदेलखंड में अन्नापशु की समस्या बहुत ही गंभीर होती जा रही , जिसकी गूँज लोक सभा में भी सुनाई दी गयी | 20 वर्षों तक सूखे के कारण, किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो गया और 30% किसान मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में चले गए।भूखे प्यासे गायों की समस्या के कारण, हर साल किसानों को पता है कि वे हर साल एक ही फसल लेते हैं।यहाँ के किसान आर्थिक समस्या के कारण गौ का देख भालकरने में असमर्थ हो गए हैं |
ऐसेमें सभी निराश किसान भाइयों ने लाखोंगायों कोखुला छोड़ दिए |गौ माता और किसान भाइयों को बचाने के लिए आदरणीय बृजभूषण राजपूत जी के प्रेरणा से ओम गौ सेवा समिति द्वारा संचालित महादेव गौशाला ने गौमाता और किसानों कोबचाने का संकल्प लिया है और बुंदेलखंड की 60 बीघा भूमि परमहादेव गौशाला का निर्माण करवाया जिसमें हजारों की तादाद में गौ माता की सेवा की जा रही है | इनमें वो गौ हैं जो एक समय के बाद दूधदेना बंद केर देती हैंऐसे में महादेव गौशाला आगे आकर गौमाता की संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध है |
हम मनुष्य जाती से जाने - अनजाने में कोई न कोई त्रुटि - गलतियां करते रहते हैं | , हजूम अपने पापों को धोने के लिए पुण्य कमाने के हम नाजाने कहाँ - कहाँ चले जाते हैं | ऐसे में आप महादेव गौशाला के माध्यम से नियमित प्रत्येक माहेअपने सामर्थ के अनुसार गौ को गोद लेकर पुण्य की प्राप्ति करें | प्रत्येक माहे 1000 रूपए का योगदान से एक गौ का भरण पोषण अच्छे से किया जा सकता है |